जम्मू-कश्मीर: 72 घंटों में तीन हत्याओं से दशहत, घाटी छोड़ रहे ट्रक ड्राइवर बोले- नौकरी से ज्यादा जिंदगी जरूरी

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श्रीनगर, पिछले 72 घंटों में घाटी में एक के बाद एक तीन हत्याओं से दूसरे राज्यों से आने वाले व्यापारियों और मजदूरों के बीच दहशत है। आलम यह है कि दूसरे राज्यों से आने वाले ट्रक ड्राइवर फलों की खेप उठाए बिना ही घाटी से वापस जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जान से बढ़कर कुछ नहीं है, नौकरी भी नहीं। जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 के अधिकतर प्रावधान हटाए जाने के बाद दहशतगर्द बाहर से आए व्यापारियों को निशाना बनाकर घाटी की शांति-व्यवस्था भंग करने की नापाक कोशिश कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का भी कहना है कि बाहरी लोगों को निशाना बनाए के पीछे घाटी में व्यापार को ठप करने की साजिश है।
बुधवार को अलग-अलग आतंकी हमलों में पंजाब के एक सेब व्यापारी और ईंट भट्टी में काम करने वाले छत्तीसगढ़ के मजदूर की हत्या कर दी गई। इससे पहले सोमवार को राजस्थान के ट्रक ड्राइवर की भी हत्या कर दी गई थी। इन घटनाओं से दूसरे राज्यों से आने वाले ट्रक ड्राइवर भयभीत और आशंकित हैं। दक्षिण कश्मीर में फल उत्पादकों का कहना है कि 72 घंटों में एक के बाद एक मौतों से उन ड्राइवरों के मन में डर बैठ गया है, जो उनके फल ले जाकर देश के दूसरे हिस्सों में बेचते हैं।

‘आज ट्रक नहीं लोड हुआ तो वापस लौट जाऊंगा’
राजस्थान के कोटा जिले से एक ट्रक ड्राइवर घाटी में बुधवार को हुई मौत की खबर आने से पहले तक कश्मीर जा रहे थे। खबर सुनते ही वह बोले, ‘मैं तुरंत कश्मीर छोड़ रहा हूं। किसी के जीवन से ज्यादा नौकरी जरूरी नही हैं।’ दूसरे ड्राइवर ने बताया कि वह पिछले हफ्ते ही यहां के फलों को लादकर दूसरे राज्यों में ले जाने के लिए कश्मीर आए थे लेकिन लगातार हो रही घटनाओं से मन में सवाल पैदा हो गया कि क्या यहां एक दिन भी अधिक रुकना ठीक रहेगा। उन्होंने बताया, ‘हम अपने परिवारों को पीछे छोड़कर आए हैं जो काफी चिंतित हैं। अगर आज रात तक मेरा ट्रक लोड नहीं हुआ तो मैं यहां और ज्यादा नहीं रुकूंगा।’

‘फलों को ट्रांसपोर्ट करने से रोका जा रहा है’

शोपियां के फल उत्पादक खुर्शीद अहमद ने बताया कि यह साफ है कि आतंकी संगठन कश्मीर में शांति बहाली नहीं चाहते हैं। उन्होंने बताया, ‘हमें भारत के दूसरे हिस्सों में अपनी पैदावार को ट्रांसपोर्ट करने से रोका जा रहा है जैसे कि हम कुछ अवैध काम कर रहे हों।’ वह आगे कहते हैं, ‘मुझे मेरी पैदावार के लिए 5 अगस्त से पहले ही अडवांस मिल गया था लेकिन जैसे ही मैंने खेप भेजने की तैयारी की , यह हो गया।’

दो दिन मारे गए राजस्थान के ट्रक ड्राइवर शरीफ खान हत्या मामले में 15 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। दक्षिण कश्मीर के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि सोमवार से हुई दो हत्याएं आतंकवादियों द्वारा व्यापार को ठप करने की साजिश का हिस्सा थीं।

बुधवार को हुई दो की हत्या
बुधवार को हुए आतंकी हमलों में पंजाब के चरनजीत सिंह और छत्तीसगढ़ के सेठी कुमार सागर मारे गए। चरनजीत की शोपियां जिले में बिजनस ट्रिप के दौरान ही हत्या कर दी गई जबकि ईंट भट्टी में काम करने वाले सेठी कुमार की पुलवामा में हत्या कर दी गई। चरनजीत के साथ मौजूद संजीव सिंह भी हमले में बुरी तरह से जख्मी हो गए।

राजस्थान के ट्रक ड्राइवर को आतंकियों ने मारा
डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि बुधवार को छत्तीसगढ़ के ईंट भट्टी में काम करने वाले मजदूर की उस वक्त हत्या कर दी गई जब वह एक दूसरे नागरिक के साथ सड़क पर टहल रहे थे। इस दौरान दो आतंकियों ने उन्हें घेरकर गोलियों से छलनी कर दिया। यह हमला पुलवामा में काकापोरा रेलवे स्टेशन के पास हुआ था। इससे पहले राजस्थान के एक ट्रक ड्राइवर शरीफ खान को शोपियां जिले से शीरमाल गांव में आतंकियों ने मार दिया था। हमलावरों में एक पाकिस्तान का बताया जा रह है जिन्होंने ट्रक भी जला दिया था।

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