भारत के नए राजनीतिक मैप को देख चिढ़ा पाकिस्तान, बोला- UN प्रस्ताव के खिलाफ

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इस्लामाबाद, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के दो केंद्र शासित प्रदेश के रूप में अस्तित्व में आने के बाद भारत सरकार ने नया राजनीतिक मानचित्र जारी किया है जिसे पाकिस्तान ने ‘गलत और कानूनी रूप से अपुष्ट’ बता खारिज कर दिया। बता दें कि पाकिस्तान ने गैर-कानूनी तरीके से कश्मीर के एक हिस्से पर कब्जा कर रखा है और आर्टिकल 370 को हटाए जाने के बाद से भारत के अंदरूनी मामले में गैरजरूरी प्रतिक्रियाएं दे रहा है।

भारत ने शनिवार को नवगठित केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के के नए नक्शे जारी किए। नए नक्शों में पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर नए बने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का हिस्सा है, जबकि गिलगित-बाल्टिस्तान लद्दाख क्षेत्र में है। लद्दाख का लेह जिला क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा जिला होगा। इसके अलावा कुपवाड़ा, बांदीपोरा, बारामूला, पूंछ, बडगाम, शोपियां, कुलगाम, किश्तवाड़, उधमपुर, डोडा, सांबा, जम्मू, कठुआ, रामबन, राजौरी, अनंतनाग, पुलवामा, श्रीनगर, रियासी और गांदरबल जिले जम्मू-कश्मीर का हिस्सा होंगे।

 

नए नक्शे में पीओके के मुजफ्फराबाद और मीरपुर को भी जम्मू-कश्मीर का हिस्सा दिखाया गया है। भारत हमेशा से इन दोनों जिलों को अपना हिस्सा बताता रहा है। और पाकिस्तान को इसलिए चिढ़ गया है। पाकिस्तान विदेश कार्यालय ने रविवार को एक बयान में कहा कि नए मानचित्र कानूनी रूप से अपुष्ट और गलत हैं।

उसने कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रासंगिक प्रस्तावों के भी पूर्ण खिलाफ है। विदेश कार्यालय ने कहा, ‘पाकिस्तान इन राजनीतिक मानचित्रों को खारिज करता है, जो संयुक्त राष्ट्र के नक्शों के अनुरूप नहीं है।’ पाकिस्तान ने कहा कि भारत का कोई भी कदम जम्मू-कश्मीर की विवादित स्थिति को नहीं बदल सकता है, जिसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा मान्यता प्राप्त है।

विदेश कार्यालय ने कहा कि पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुसार स्वनिर्णय के अपने अधिकार का प्रयोग करने के लिए भारतीय जम्मू और कश्मीर के लोगों के वैध संघर्ष का समर्थन जारी रखेगा।

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